प्रमुख कैंसर और उनके लक्षण 

कैंसर पर शोध करनेवाली कीले विश्वविद्यालय की टीम ने ये भी बताया है कि उम्र के किस पड़ाव पर इंसान को कैंसर के इन लक्षणों के प्रति सबसे चिंतित रहना चाहिए.

इन लक्षणों में पेशाब में आनेवाले ख़ून और ख़ून की कमी की बिमारी अनीमिया शामिल है.

दूसरे लक्षण हैं पखाने में आनेवाला ख़ून,खांसी के दौरान ख़ून का आना,स्तन में गाँठ,कुछ निगलने में दिक़्कत होना,मीनोपॉस के बाद ख़ून आना और प्रोस्टेट के परीक्षण के असामान्य परिणाम.

कैंसर रिसर्च यूके का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य में असामान्य परिवर्त्तन की जाँच होनी चाहिए.

शोधकर्ताओं का कहना है कि कैंसर के किसी भी लक्षण के दिखने पर उसकी जाँच तुरंत करवाए जाने की ज़रूरत है.

इससे कैंसर का पता चलने और उसे रोक पाने की कोशिशों में आसानी होगी.

 

प्रमुख कैंसर और उनके लक्षण

 

स्तन कैंसर :

अधिक प्रसव व शिशु को स्तनपान न कराने से स्‍तन कैंसर होता है। डिंबग्रंथि (ओवरी) से उत्सर्जित हार्मोन भी इसको पैदा करते हैं।

 

गर्भाशय का कैंसर :

छोटी उम्र में विवाह, अधिक प्रसव, संसर्ग के दौरान रोग, प्रसव के दौरान गर्भाशय में किसी प्रकार का घाव होना और वह ठीक होने से पहले गर्भधारण हो जाए तो 40 की उम्र के बाद गर्भाशय का कैंसर होने का खतरा रहता है। मीनोपॉज के बाद रक्तस्राव होना, और दुर्गंध आना, पैरों व कमर में दर्द रहना इसके लक्षण हैं।

 

रक्त कैंसर (ल्यूकेमिआ) :

एक्सरे और विकिरण प्रणाली से किरणें यदि शरीर के अन्दर प्रवेश कर जाएं तो अस्थियों को प्रभावित करती हैं, जिससे उसके अन्दर खून के सेल्स भी प्रभावित होते हैं। मुख से खून निकलना, जोड़ों व हडि्डयों में दर्द, बुखारा का लगातार कई दिनों तक बना रहना, डायरिया होना, प्लीहा व लसिका ग्रंथियों के आकार में वृद्धि होना, सांस लेने में दिक्कत होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।